सनातन धर्म के प्रचार, लोक कल्याण और आध्यात्मक उत्थान को समर्पित एक दिव्य यात्रा।
पीठाधीश्वर एवं कथा व्यास
पूज्य श्री दिव्य कृष्णा जी महाराज (RDS) का जन्म सनातन संस्कारों से परिपूर्ण एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ। बाल्यावस्था से ही आपका मन ईश्वर भक्ति, सत्संग और वेद-पुराणों के अध्ययन में लीन रहता था। आपने कठिन तपस्या और संतों के सानिध्य से आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त की है।
आज महाराज जी द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में श्रीमद्भागवत कथा, श्रीराम कथा और दिव्य दरबार का आयोजन किया जाता है, जिसके माध्यम से लाखों भटके हुए युवाओं को सनातन धर्म और संस्कारों से जोड़ा जा रहा है।
Bageshwar Dham एवं सिद्ध पीठों की परंपरा का पालन करते हुए, दिव्य दरबार में आने वाले हर दुखी व्यक्ति की समस्या का समाधान प्रभु कृपा और सनातन मंत्र साधना से किया जाता है।
भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए सनातन संस्कृति की जड़ों को मजबूत करना और युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्यों का संचार करना।
निशुल्क दिव्य दरबार के माध्यम से पीड़ित मानवता के मानसिक, शारीरिक और आर्थिक कष्टों का निवारण करना व मार्ग दर्शन देना।
गौशालाओं का संचालन, कन्या विवाह सहयोग, और प्रतिदिन अन्नपूर्णा भण्डारा के जरिए गरीबों की सेवा करना।